' अधुरा गीत '
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क्या गाऊं बता मै तेरे लिए ,
एक सपना है तू मेरे लिए ....
सागर से गहरी आँखें है तेरी ,
झुक गई जो नजरें मिलते ही मेरी ....
एक पल तो लगा हकीकत है कोई ,
आसमान से अप्सरा शायद उतरी है कोई ...
क्या गाऊं ......
जुल्फें काली घटा सी घनेरी ,
गालों को चूमती लट ये तेरी ...
गोरा मुखड़ा चाँद का टुकड़ा ,
हटती नहीं जिससे नज़र ये मेरी ...
ये गीत बनाऊं मै तेरे लिए ,
एक सपना है तू मेरे लिए ....
Jail की दीवारों के पीछे का सच, औरतों और बच्चों की कहानी | ‘ज से जेल’ |
Sahitya Tak | 3 November, 2026
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3 November, 2026: I am deeply pleased and humbled to see such an insightful
and elaborate review of my recent novel, J Se Jail, by the distinguished
lite...
20 घंटे पहले
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