अँधेरे की आदत इस कदर पड़ गई 'कौशिक' कि अब चांदनी से भी डर लगता है ,
एक चिराग ने ही घर जलाया है मेरा कि अब हर रोशनी से डर लगता है !
Book Review: Ja se Jail: जेल की मिट्टी असंभव को भी संभव कर सकती है
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*"जेल की मिट्टी में वो ताक़त है कि वह असंभव को भी संभव कर सकती है, इंसान
में 'जज़्बा' होना चाहिए।" रामधनी द्विवेदी *
उपन्यास - ‘ ज से जेल’
लेखिका – वर...
2 हफ़्ते पहले
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