ख्वाबों में देखूं तो बड़ी हसीं लगती है जिंदगी ......
खुली आँखों से बड़ी बेजान सी लगती है ज़िन्दगी ...
महफ़िल में जाऊँ तो रंगीन लगती है ये जिंदगी ....
तन्हाई में सोचूं तो गुमनाम है ये जिंदगी .....
खुशिओं के साए में बड़ी छोटी लगती है जिंदगी .....
गम की परछाई में बहुत लम्बी लगती है जिंदगी ....
यूं तो दोस्तों के बिना भी जीते हैं जिंदगी,
पर "कौशिक "यही है जीना तो क्या है जिंदगी...
Tinka Tinka Jail: ज से जेल: वर्तिका नन्दा का उपन्यास
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*26 May, 2026: **।।। ज से जेल।।। **मिलिए एक नई वर्तिका नन्दा से।।। *
*तिनका तिनका की यह आवाज यकीनन दूर तक जाएगी.*
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3 हफ़्ते पहले
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